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आज की कविता

आज की कविता में आप नित्य रघुवंशीजी के द्वारा लिखी हुई रचनाओं के किसी एक भाग को पढ़ सकतें हैं और उन कविता कि विवेचना का अध्ययन कर सकते हैं .

Dr. Premshankar Raghuvanshi.

भूख का नाता ************** प्रदूषण के करिश्मे दिखाता जब भी सागर या नदियों को छेड़ता कोई मैं अन्दर तक छटपटा जाता मछली – सा मेरी भूख के लिए समाधान जो …

मखौल उड़ाते लोगों से ******************** पसीने का तुम्हें जितना भी मखौल उड़ाना हो उड़ा दो लेकिन जिस वक्त कविता तुम्हें देखना शुरु करेगी वह तुम्हारी मौत तक शब्दों की लंबी …

बेटी का दूसर खत **************** पत्र के जवाब में बेटी ने ससुराल से लिखा है — तुम मुझे जीवन राग के वास्ते जो बातें लिखते हो वे मेरी समझ में …

बेटी का पहला ख़त ***************** बेटी ने लिखा है — बापू ! आंगन की मुट्ठी भर धूप भेज दो लिखा है थोड़ी – सी पत्तियां ही पड़ा दो बाड़े वाले …

जिनसे ****** जिनसे तंग आकर आत्महत्या तक पहुंची औरत वे भी अपनी पूरी सुरक्षा के बाद बचाने दौड़े उसे और जब भेजी गई लाश पोस्टमार्टम को तो लपककर चीलघर की …

सम्मोहन उसका ************* उसके मुंह से भूख शब्द निकलते ही उसने उसे हिप्नोटाइज करके अचेत कर दिया फिर बोला — ‘जमूरे इधर आओ ‘ बोलो — ‘क्या चाहिए ‘ रोटी …

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