हण्डिया – नेमावर *************** हरदा से दस कोस हण्डिया – नेमावर के बीच नर्मदा रोज – रोज पूरब से सूरज को गोद में लिये समुद्र यात्रा पर निकलती जहां दोनों …
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July 2024
रबी की कटाई के बाद ******************* बनगूलों के साथ गोल पंखों से हवा करते सूरज की पहुनाई में लगे खेत यह जान ही नहीं पाते आषाढ़ तक कि उनके पांवों …
आखिरकार ********** सिर्फ जीने के बारे में सोचा और बिसरा दी जिन्दगी सिर्फ जमने के बारे में सोचा और पेड़ होना भूल गए कुछ फूल सूरज को देखकर ही खिलते …
तिनके के टूटने की आवाज ********************** मैं चाहता कि पहले पहल मेरी कविताएं वहां पहुंचे जहां नदी नहरों के रास्ते किसान के सपनों को उर्वर करें मैं चाहता कि पहले …
औरत ****** महाप्रलय के वक्त भी औरत जमीन पर चलती है चलते – चलते हंसती है हंसते – हंसते गाती है गाते – गाते स्वरों में लीन होती है होते …
सल्फी का पेड़ ************ सल्फी का पेड़ मानों जमीन की जलहरी पर समाधिस्थ शिव जिनकी जटाजूट में समाहित गंगा बस्तर पुत्रों के पात्रों में बूंद – बूंद प्रकट होकर भरती …
दोस्त का फोन ************ दोस्त का फोन आते ही बारिश से भीगते पेड़ की तरह लगता रहा घर समाती रही कोने कोने प्यार की खुश्बू पुलकती रही देर तक खिड़कियां …
शान है पानी ********** बिलाशक — प्यासे का प्राण है पानी चमक है धरती की चेहरों का नूर भी बिलाशक —- धरती की दमक है पानी गमक है रोटी की …
