रोटियों के शिल्प ************* रोटियों के शिल्प को लेकर कोई ज्यादा तरक्की न हो सकी आज तक अब भी गोलमगोल है रोटियां जो तोड़कर टुकड़ा -टुकड़ा खायी या खिलाई जाती …
आंगन बुहारते वक़्त
राम जाने ******** सर्जना के नाम पर चीजें ही रचीं तुमने मैंने कविताएं राम जाने कब तक रहेंगी पृथ्वी पर चीजें तुम्हारी लेकिन मेरी कविताएं राम के जाने के बाद …
राम जाने ******** सर्जना के नाम पर चीजें ही रचीं तुमने मैंने कविताएं राम जाने कब तक रहेंगी पृथ्वी पर चीजें तुम्हारी लेकिन मेरी कविताएं राम के जाने के बाद …
कौओं का होना ************** कौओं का होना जरुरी है इसलिए कि वे कोयल के वंश को भी पाल लेते हैं और सुबह सुबह आंगन में बोल -बोलकर शकुन भरे शुभ …
ब्याज पर ******* नींद से कई -कई रातें कई -कई दिन कर्ज पर लेकर वह भर भर खर्रार्टे सोता रहा और बढ़ता रहा मिश्रधन का ब्याज उस पर अब —- …
काफी है एक हाथ *************** दरवाजे पर ताला लगाते महसूस किया कि आदमी के पास दो हाथों का होना आवश्यक है और ताला खोलते वक्त एक हाथ ही काफी लगा …
अपनी हत्या का मनोरम दृश्य ************************ मैंने अहिंसा को उस वक्त हिंसा करते देखा जब वह अपने पक्ष में हाथ जोड़े शान्त भाव से वोट मांग रही थी जहां मतदाता …
कविता का सर्वनाम ***************** कविता रचते हुए नहीं होते कोई आलोचकीय विकार ना पाठ के वक्त —- काव्य भक्षियो के ख्याल मन में ना ही कविता पर बातें करते हुए …
