भूख का नाता ************** प्रदूषण के करिश्मे दिखाता जब भी सागर या नदियों को छेड़ता कोई मैं अन्दर तक छटपटा जाता मछली – सा मेरी भूख के लिए समाधान जो …
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August 2025
मखौल उड़ाते लोगों से ******************** पसीने का तुम्हें जितना भी मखौल उड़ाना हो उड़ा दो लेकिन जिस वक्त कविता तुम्हें देखना शुरु करेगी वह तुम्हारी मौत तक शब्दों की लंबी …
बेटी का दूसर खत **************** पत्र के जवाब में बेटी ने ससुराल से लिखा है — तुम मुझे जीवन राग के वास्ते जो बातें लिखते हो वे मेरी समझ में …
बेटी का पहला ख़त ***************** बेटी ने लिखा है — बापू ! आंगन की मुट्ठी भर धूप भेज दो लिखा है थोड़ी – सी पत्तियां ही पड़ा दो बाड़े वाले …
