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March 2024

ठीक पहचान के लिए ******************** पानी जब सदियों से खण्डा पड़ा हो तो —- उसे खौलाना जरुरी हो जाता है वह बादल ,बिजली ,आकाश से उतरकर खुद को ठीक से …

एक दूसरे के लिए *************** उसने भरोसा किया मुझपर मैंने संदेह से देखा उसे उसका भरोसा ठीक निकला मेरा संदेह भी इसलिए कि हम एक दूसरे के लिए कुछ भी …

सतपुड़ा की आधी रात ******************* सन्नाटे को चीरते अचानक ढेंकने लगे सांभर पूंछ फटकार कर उठ बैठे रनभैंसे रुक – रुककर बादलों की घरघराहट फिर ऐसी दहाड़ कि टूट -टूटकर …

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