जूता : अलग – अलग संदर्भ *********************** ( १ ) जारी है खरीद – फरोख्त जूतों की दुकान पर फर्मे पर चढ़े जीभ निकालें मशीनों की सूलियों पर झूलते सूजों …
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July 2025
गंध – वृक्ष ********* जो पौधा पिछले दिनों रोपा था अब उसकी शाखें बाहों – सी लम्बी हो गई हैं जाता हूं जब भी करीब ठीक उसी मुद्रा में समेटना …
नन्दी ******* एकाएक चौराहे पर ठहर कर उसने सुरों को ठप्कारा खट्ट ऽ ऽ ऽ खट्ट ऽ ऽ ऽ और डांटते हुए ओक् – खां ओक् –खां झटकारता है मिट्टी …
घर — कुछ स्थितियां ****************** इधर कुछ दिनों से — चिचुक – चिचुक चिक – चिक की आवाजें निकालती पूंछें फटफटाती हैं — दीवारों पर छिपकलियां और होतीं जाती हैं …
बर्तन मांजने वाली बाई ******************* मेरी पत्नी ने जब बर्तन मांजने वाली बाई को आंखें तरेर कर रोज – रोज समय पर न आने का बहाना लिए काम करने का …
अपने सपने के साथ ****************** उसने कहा —- सब आंखें मूंद लें सबने आंखें मींच ली फिर बोला वह —- अब मेरा ही ध्यान करें सब उसका ध्यान करने लगे …
शिला तो नहीं बनने दूंगा ********************* तुम्हें शिला तो नहीं बनने दूंगा जो कितनी ही बातें अपनी किरांच -किरांच में समाये निस्तब्ध पड़ी रहे — या खड़ी रहे किसी खुशनुमा …
