सोचती है उदया ************** छोटी बुआ कितनी अच्छी लगती साड़ी में मानो दुनिया भर की साड़ियां बुआ के लिए ही बनी है यह सोचते ही तय करती नन्हीं उदया कि …
Monthly Archives
April 2025
नर्मदा की भोर ************* लताओं के शबनमी स्पर्श से खड़े हो गये पेड़ों के एक – एक रोम और बगुले अपने परों को तौलते खींचने लगे श्वेत लकीरें जल पर …
कविता की खोज से बेखबर ************************ कविता की खोज में निकला ही था कि छींक दिया काली कुतिया ने भगाने के पहले वह ज़ख्म चाटती मच्छर मक्खियों से परेशान कूं …
घड़े बनाते कुम्हार के खयालो में *************************** घड़े बनाते कुम्हार के खयालों में उभरते तृप्त चेहरे चके पर साधी जा रही एक – एक गागर से छलक कर पल्लरें भरते …
हौंसले भरती है कविता ******************* ( ३ ) मेरी मां पालिन से यह कह देना कि बेंजामिन की कविताओं के एक एक शब्द उसके बेटे हैं दुनिया में जब जहां …
हौंसले भरती है कविता ******************* ( २ ) मानवीय मुक्ति के संकल्प में लगे दोस्तों ! मैं आ रहा हुं तुम्हारी शिराओं में सनसनी जैसा और जो सुर्ख झण्डा थामे …
हौंसले भरती है कविता ******************** ( विश्व की तमाम समाजवादी सरकारों की रिहाई की अपील के बावजूद दक्षिण अफ्रीका के जूझारु कवि बेंजामिन मोलाइस को वहां की सरकार ने 18 …
लेकिन आदमी है कि ******************* हर बार सिखाना चाहता प्यार का अर्थ लेकिन आदमी है कि जरा – सी गफलत में जानवरों से भी गया बीता हो जाता है । …
