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February 2025

एक भरापूरा ऋतुराज ****************** अब मुझे तुम्हारे लौट आने तक कविताएं नहीं लिखनी है बल्कि उन्हें तुम्हारे स्वागत के लिए उत्सुक बनाए रखना है ताकि जब तुम आओ तो निर्वस्त्र …

दोस्तों का प्यार ************* मेरे लिए एक स्वस्थ मौसम का बहाना लिए आंतों से चिपके रहे पटेर कितना आत्मीय है परजीवी दोस्तों का प्यार मेरे लिए ! ( श्री प्रेमशंकर …

गांव का पानी ************* भाइयों ! कभी मरना नहीं चाहिए हमारे गांव का पानी किन्तु जाता – प्रांत के कारण मत ठेल देना नीचे जैसा कि ठेला था लकड़ी के …

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