Home Archives
Monthly Archives

April 2021

आदमी होते ही ************* हमसे ज्यादा कल्याणकारी है पेड़ कार्बन का गरल पान करते और बदले में लुटाते आक्सीजन का अमृत हमसे ज्यादा तत्ववती हैं लताएँ जो फूलती -फलती समर्पित …

डूब कर डूबा नहीं हरसूद ********************* (कविता का अंश ) देख रही सरकार व्यवस्था की नजरों से इन सारे दृश्यों को और घडियाली आँसू की स्याही से पुनर्वास के पट्टों …

बहती रही नदियाँ **************** देखते रहे नीची नजरों से शिखर घूरती रहीं निकृष्ट निगाहों से घाटियाँ किन्तु इनकी परवाह किये बगैर पहाड़ की नसों से होकर बहती रही नदियाँ । …

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More